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Shri Munisuvrath Chalisa (Jahazpur) || श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा (जहाजपुर)

मंगल ये अवसर आंगण आयो जी - Jain Bhajan

अमूल्य तत्त्व विचार

माता थारी परिणति तत्त्वमयी - Jain Bhajan

जिनवर की वाणी से | Jinvar ki vani se - Jain Bhajan

श्री वीतराग पूजन || Shri Veetrag Pujan

म्हारे आंगण आज आई देखो मंगल घड़ी - Jain Bhajan

मुनिवर आज मेरी कुटिया | Munivar Aaj Meri Kutiya - Jain Bhajan

म्हारा पंच प्रभु भगवान । Mhara Panch Prabhu Bhagwan - Jain Bhajan

आचार्य कुंदकुंद जो भारत में न आते - Jain Bhajan

भले रूठ जाये ये सारा जमाना - Jain Bhajan

कैसी सुन्दर जिन प्रतिमा है, कैसा सुंदर है जिन रूप - Jain Bhajan

हठ तजो रे बेटा ! हठ तजो - Jain Bhajan